Banda School: स्वतंत्रता दिवस पर जहां देशभर में तिरंगे के सम्मान और देशभक्ति की तस्वीरें सामने आईं, वहीं उत्तर प्रदेश के बांदा के बबेरू क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिष्टा में बच्चे घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच खड़े होकर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। वायरल तस्वीर में स्कूल का पूरा मैदान जलमग्न दिखाई दे रहा है। गुलाबी यूनिफॉर्म पहने छात्र-छात्राएं पानी और कीचड़ में कतारबद्ध खड़े हैं, जबकि स्कूल की छत पर तिरंगा फहराया जा रहा है। कई बच्चों के पैर कीचड़ से सने नजर आ रहे हैं। 23 साल पुराना स्कूल स्कूल परिसर में लगे बोर्ड पर स्थापना वर्ष 2003 दर्ज है। यानी स्कूल को बने करीब 23 साल हो चुके हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि बारिश के मौसम में आज भी यहां जलभराव की समस्या बनी रहती है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से मैदान तालाब में तब्दील हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी बच्चों को इसी तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि समस्या की तस्वीरें और शिकायतें अधिकारियों तक पहुंचती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हुआ। वायरल तस्वीर के बाद उठे सवाल तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों से ऐसे जलभराव वाले परिसर में कार्यक्रम करवाना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से चिंता का विषय है। अभिभावकों ने बांदा जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि स्कूल में पक्के मैदान, उचित जलनिकासी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था कराई जाए, ताकि बच्चों को राष्ट्रीय पर्व मनाने के लिए भी ऐसी परिस्थितियों से न गुजरना पड़े। हालांकि, वायरल तस्वीर और स्थानीय आरोपों के आधार पर सामने आई इन चिंताओं पर संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। अब देखना यह है कि तस्वीर वायरल होने के बाद प्रशासन कार्रवाई करता है या यह समस्या अगले बरसात तक फिर अनदेखी रह जाती है। रिपोर्ट- अभिषेक शुक्ला ये भी पढ़ें: रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ फूटा जनाक्रोश, कई संगठनों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन